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Bharat ke Bandargah

भारत के प्रमुख बंदरगाह - Bharat ke Bandargah

बंदरगाह देश के व्यापार की नीव होते हैं। 
यहीं से देश में आयात तथा निर्यात किया जाता है।
भारत में 13 बड़े एवं 200 छोटे बंदरगाह है।
प्राचीन काल में सातवाहन एवं चोलों के समय समुद्री व्यापार चरम पर था।
आधुनिक काल में 1856 में “ब्रिटिश इण्डिया स्टीम कम्पनी” की स्थापना के साथ भारत में जहाजरानी परिवहन की शुरुआत हुयी।
13 बड़े बंदरगाहों में से सर्वाधिक 3 तमिलनाडु में है।
200 छोटे बंदरगाहों में से सर्वाधिक 53 महाराष्ट्र में है।

भारत देश की कुल तट रेखा 7516 कि०मी० लम्बी है। 

यह तट रेखा देश के 13 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को स्पर्श करती है। जिनका विवरण निम्नवत है-
गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, दमन दीव, पोंडीचेरी, लक्ष्यद्वीप, अण्डमान निकोबार।
13 प्रमुख बंदरगाहों में से 6 पश्चिमी तट पर और 6 पूर्वी तट पर स्थित है। 
एक प्रमुख बंदरगाह अण्डमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर पर है।

Bharat ke Bandargah List - भारत के प्रमुख बंदरगाह

नाम
समुद्र तट या खाड़ी
राज्य या केंद्र.शा.प्र.
मुंबई
अरबसागर
महाराष्ट्र
पारादीप
बंगाल की खाड़ी
ओडिशा
चेन्नई
बंगाल की खाड़ी
तमिलनाडु
विशाखापट्टनम
बंगाल की खाड़ी
आन्ध्र प्रदेश
कांडला
कच्छ की खाड़ी
गुजरात
मुर्मुगाव
अरबसागर
गोवा
न्हावाशेवा 
अरबसागर
महाराष्ट्र
कोचीन
अरब सागर
केरल
एन्नौर
बंगाल की खाड़ी
तमिलनाडु
हल्दिया
कोलकाता-हुगलीनदी
पश्चिम बंगाल
तूतीकोरिन
बंगाल की खाड़ी
तमिलनाडु
न्यू मंगलोर
अरब सागर
कर्नाटक
पोर्टब्लेयर
बंगाल की खाड़ी
अंडमान निकोबार द्वीप समूह


मुंबई बंदरगाह

यह एक प्राकृतिक बंदरगाह है जो मुंबई में स्थित है।
इसे भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता है।  यह अन्य बंदरगाहों की अपेक्षा अधिक विस्तृत है।
इस बंदरगाह की क्षमता लगभग 200 टन से अधिक है।
भारत का सर्वाधिक व्यापार इसी बंदरगाह से होता है।
पश्चिमी तट का सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह।
सर्वाधिक आयात करने वाला बंदरगाह (भारत का 20% व्यापार )।

न्हावाशेवा बंदरगाह (जवाहरलाल नेहरू)

यह मुंबई बंदरगाह के निकट ही स्थित है इसका निर्माण मुंबई बंदरगाह का दबाव कम करने के लिए किया गया।
न्हावाशेवा बंदरगाह देश सबसे आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त बंदरगाह है,
शुष्क सामाग्री के व्यापार हेतु प्रसिद्ध।

मुर्मुगाव बंदरगाह

यह बंदरगाह गोवा राज्य में स्थित है, ईरान को लौह अयस्क का निर्यात इसी बंदरगाह से किया जाता है।
इसकी स्थिति जुआरी नदी पर है।

पोर्ट ब्लेयर

पोर्ट ब्लेयर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूहों की राजधानी है। पोर्ट ब्लेयर कोलकाता से 1,255 किलोमीटर तथा चेन्नई से 1,191 किलोमीटर दूर स्थित है।

अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर ख़ूबसूरत नज़ारों से भरी हुई है।

पोर्ट ब्लेयर नगर का नामकरण 'लेफ्टिनेट रेगिनाल्ड ब्लेयर' के नाम पर किया गया।

उन्होंने 1789 ई. में इस क्षेत्र का सर्वे किया था। पोर्ट ब्लेयर स्थित सेलुलर जेल का निर्माण 1886 से 1906 के बीच करवाया गया था।

अंग्रेज़ो द्वारा यहाँ 1947 तक भारत के स्वतंत्रता सेनानियों को रखा जाता था। प्राय: इसे काले पानी की सज़ा की संज्ञा दी जाती थी।

राजनीतिक बंदियों के अलावा खूंखार अपराधियों को यहाँ रखने का काम द्वितीय विश्वयुद्ध तक जारी रहा। विश्वयुद्ध के दौरान 1942 ई. में इस पर जापानी सेना ने क़ब्ज़ा कर लिया।

तत्पश्चात् लॉर्ड माउण्टबेटन के कार्यकाल में इस पर अंग्रेजी आधिपत्य हो गया। सम्प्रति, यह जेल एक संग्रहालय के रूप में है



हल्दिया बंदरगाह (Haldia Port)

विशेष रूप से कोलकाता के सहायक बंदरगाह के रूप में विकसित किया गया प्रधान बंदरगाह है। बड़े-बड़े जहाज़ों के लिए जोकि कोलकाता तक नहीं पहुंच पाते हैं।

हल्दिया बंदरगाह हुगली नदी के ठीक मुहाने पर स्थित है। यहां 15 मीटर तक की डूब वाले एक लाख टन डी. डब्लू. टी के टैंकर व बड़े जहाज़ आ सकते हैं।

हल्दिया बंदरगाह पर कोयला, पेट्रोलियम पदार्थ एवं कण्टेनर बर्थ तथा खाद एवं अन्य भारी सामान के व्यापार की पूरी सुविधा है।

यहां पर खनिज तेल हेतु दूसरी तेल जेट्टी का निर्माण किया जा रहा है। हल्दिया बंदरगाह पर जहाज़ों को कम्प्यूटर प्रणाली द्वारा ख़ाली करने की सुविधा पर प्राप्त है।

अब दूसरी जेट्टी बनने एवं पेट्रोल- रसायन कॉम्प्लेक्स की स्थापना से इसकी क्षमता में विकास हुआ है।

कोलकाता बंदरगाह न्यूनतम सुविधा बनाये रखने के लिए अब यहां दो नवीन किस्म के ड्रेजर खरीदे गये हैं। अब सभी बड़े जहाज अपना माल हल्दिया में उतारते हैं।

वहां से छोटे जहाजों द्वारा कोलकाता ऐसे माल को ले जाया जाता है। इस प्रकार कोलकाता

अब मुख्यतः: अंतर्देशीय नदी तटीय बंदरगाह बनता जा रहा है।



चेन्नई बंदरगाह  

चेन्नई बंदरगाह बंगाल की खाड़ी में सबसे बड़ा बंदरगाह है और भारत का दूसरा सबसे बड़ा सागरीय-व्यापार केन्द्र है।

उद्घाटन -    1881

पृष्ठ देश - दक्षिणी आंध्र प्रदेश, सम्पूर्ण तमिलनाडु और कर्नाटक के पूर्वी भाग तक विस्तृत है।

उद्योग - सूती वस्त्र उद्योग, सीमेण्ट, सिगरेट, रेशमी वस्त्र, चमड़ा आदि उद्योग स्थापित हैं।

निर्यात -    चेन्नई बंदरगाह से विदेशों को सूती और रेशमी कपड़े, चमड़ा, कहवा, हड्डी, खाद, रबड़, तम्बाकू, चाय, मशाला, चमड़ा, नारियल, तिलहन, हल्दी, अभ्रक, मूगंफली का तेल, मैंगनीज, मछली, प्याज, आदि वस्तुएं निर्यात की जाती हैं।

चेन्नई बंदरगाह में ज्वार आने पर वर्षा और तूफान के समय ज़हाज सरलता से खड़े रहते हैं।

चेन्नई बंदरगाह (Chennai Port) पूर्वी तट पर यह मुम्बई के पश्चात् भारत का दूसरा प्रमुख बंदरगाह है। यह वर्तमान में आने वाले समय में 91वां सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह आंका गया है।

चेन्नई बंदरगाह बंगाल की खाड़ी में सबसे बड़ा बंदरगाह और भारत का दूसरा सबसे बड़ा सागरीय-व्यापार केन्द्र है।

स्थानीय मांग के कारण कृत्रिम रूप से चेन्नई बंदरगाह का विकास किया गया है।

यह कृत्रिम बंदरगाह है। ये बंदरगाह 125 वर्ष से अधिक पुराना है। विस्तृत खुले समुद्रों में ज़हाज को लहरों से होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए 90 मीटर की गहराई की नींव पर तट से 3 किलोमीटर दूर दो कंक्रीट की दीवारें बनाकर लगभग 200 एकड़ समुद्र के जल को रोका गया है।

इस बंदरगाह का मुख्य द्वार 120 मीटर लम्बा है। यहां साधारण जल की गहराई 10 मीटर तक रहती है।

मुख्य कंटेनर पत्तन बनने से पूर्व चेन्नई बंदरगाह प्रमुख यात्रा बंदरगाह भी था। 2008 में इसका कंटेनर परिवहन 10 लाख टी.ई.यू से अधिक था। यह वर्तमान में आने वाले समय में 91वां सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट आंका गया है।

चेन्नई बंदरगाह बंगाल की खाड़ी में सबसे बड़ा बंदरगाह और भारत का दूसरा सबसे बड़ा सागरीय-व्यापार केन्द्र है।


कांडला बंदरगाह

यह गुजरात राज्य की कच्छ की खाड़ी में स्थित ज्वारीय बंदरगाह है।
इसके निकट के राज्यों में खनिज तेल, सीमेंट, रसायन, सूती वस्त्र इत्यादि औद्योगो का विकास होने से इसका महत्व बढ़ गया है।
इस बंदरगाह से भारी मात्रा में कपास, सूती वस्त्र, उर्वरक,कच्चा तेल, पोटास, फास्फेट, नमक आदि का निर्यात किया जाता है।

एन्नोर बंदरगाह

भारत के तमिल नाडु राज्य में चेन्नई बंदरगाह से 24 किमी उत्तर की ओर कोरोमंडल तट पर अवस्थित है। यह भारत का 12 वाँ सबसे बड़ा तथा पहला कारपोरेटीकृत सबसे बड़ा पोर्ट है। 
एन्नोर पोर्ट की प्राथमिक अवधारणा इसे चेन्नई बंदरगाह के उपग्रहीय बंदरगाह के रूप में विकसित करने की थी, जिसका प्राथमिक कार्य तमिल नाडु बिजली बोर्ड (टीएनईबी) के तापिवद्युत संयंत्रों को कोयले की सप्लाई करना होता। 
बाद में हुए कई घटनाक्रमों को देखते हुए इसके कार्यक्षेत्र में वृद्धि की गई। इन घटनाक्रमों में शामिल है तमिल नाडु सरकार की निम्न परियोजनाएँ लगाने की योजना
एक निजी क्षेत्र की कंपनी के साथ मिलकर 1880 मेगावाट क्षमता वाली एक एलएनजी विद्युत परियोजना
एक वृहत् पेट्रो केमिकल पार्क
एक नेप्था क्रेकर संयंत्र

कोच्चि बंदरगाह (Kochi Port)

कोच्चि बंदरगाह केरल राज्य और मालाबार तट का प्रमुख बंदरगाह है
यह मुम्बई से लगभग 920 किलोमीटर दक्षिण में है
यह समुद्र के समांतर एक विशाल अनूप के मुहाने पर स्थित प्राकृतिक बंदरगाह है
कोच्चि बंदरगाह पालघाट दर्रे से बनाये गये रेलमार्गों द्वारा दक्षिण भारत के भीतरी भागों से जुड़ा है
इस बंदरगाह का उद्घाटन 26 मई 1928 को किया गया था
पोताश्रय से सम्बंधित जलधारा 140 मीटर चौड़ी और 7 किलोमीटर लम्बी है, अत: बड़े जहाज़ सरलता से खड़े हो सकते हैं
सुदूर पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के जलमार्ग यहां से जाते हैं अत: यह अंतराष्ट्रीय दृष्टि से मुख्य व्यापारिक मार्ग के निकट ही स्थित है 
कोच्चि बंदरगाह के पृष्ठदेश में मालाबार तट, नीलगिरि और इलाहची पहाड़ियाँ और केरल, कर्नाटक तथा पश्चिमी तमिलनाडु के अन्य भाग आते हैं

विशाखापत्तनम बंदरगाह

विशाखापत्तनम बंदरगाह देश का सबसे गहरा बंदरगाह है। इसका पोताश्रय प्राकृतिक है। 
1933 में यह बंदरगाह व्यापार के लिए खोला गया था। 
विशाखापत्तनम बंदरगाह में 170 मीटर लम्बे ज़हाज ठहर सकते हैं। 
यह व्यापार में देश का चौथा सबसे बड़ा बंदरगाह है।
विशाखापत्तनम बंदरगाह लौह अयस्क के निर्यात के लिए बाहरी बंदरगाह बनाया गया है। इसका पोताश्रय प्राकृतिक है। पोताश्रय में डॉलफिन नोज नामक पहाड़ी भाग निकल आने से यह मानसून पवन के झकोरों में सुरक्षित रहता है। 

मर्मागोवा बंदरगाह

यह गोवा राज्य में अरब सागर के तट पर स्थित प्राकृतिक बंदरगाह हैं ।

तूतीकोरिन बंदरगाह (Tuticorin Port)

तूतीकोरिन बंदरगाह दक्षिण तमिलनाडु के आर्थिक विकास का उत्‍प्रेरक है
19 फ़रवरी, 2011 से इस बंदरगाह का नाम बदलकर 'वीओ चिदम्‍बरनार बंदरगाह' रख दिया गया है
यह बंदरगाह मन्नार की खाड़ी में स्थित है
वीओ चिदम्‍बरनार भारत के स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनकी याद में बंदरगाह का पुनर्नामकरण किया गया है
केंद्रीय सरकार ने जनवरी 2011 को तूतीकोरिन बंदरगाह के नए नाम वीओ चिदम्‍बरनार बंदरगाह पर अपनी सहमति दी थी
यह बन्दरगाह पूर्व श्रीलंका के उत्तर-पूर्व में आदम जल संयोजन द्वारा पूरी तरह सुरक्षित है

न्यू मंगलौर बंदरगाह

न्यू मंगलौर बंदरगाह कर्नाटक राज्य के समुद्र तट पर स्थित है।
इस बंदरगाह से कद्रमुख की खान से निकला लौह अयस्क निर्यात किया जाता है ।

कोच्चि बंदरगाह

यह केरल राज्य में स्थित एक प्राकृतिक बंदरगाह है जिसमें बड़े जहाज भी ठहर सकते हैं।
कोच्चि बंदरगाह भारत के पश्चिमी तट का सर्वश्रेष्ठ बंदरगाह माना गया है।
चाय, कॉफी व मसालों के निर्यात के लिये प्रसिद्ध।

कोलकाता बंदरगाह

यह पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के किनारे स्थित कृत्रिम बंदरगाह है।
यह पूर्वी तट का सबसे बड़ा तथा भारत का दूसरा बड़ा बंदरगाह है।
कोलकाता बंदरगाह के दक्षिण मेंहल्दिया बंदरगाह को विकसित किया गया है ।

विशाखापत्तनम बंदरगाह

यह बंदरगाह देश के पूर्वी तट पर आंध्र प्रदेश के महानगर विशाखापत्तनम में स्थित है ।
यह एक प्राकृतिक एवं गहरा बंदरगाह है।भारत का सबसे गहरा बंदरगाह
यह जहाजों का निर्माण एवं मरम्मत की जाती है।
यह बंदरगाह अपने कार्यों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता के लिए प्रसिद्ध है।

तूतीकोरन बंदरगाह

यह बंदरगाह तमिलनाडु राज्य के दक्षिणी छोर पर स्थित है।
यहां से नमक,मछली, सीमेंट,लिग्नाइट, तम्बाकू, चावल आदि निर्यात किया जाता है एवं मशीनें,उर्वरक,सूती वस्त्र इत्यादि वस्तुओं का आयात होता है।
Bharat ke Bandargah


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