Rajasthan Ki Sthiti Or Vistar

Rajasthan Ki Sthiti Or Vistar | राजस्थान की स्थिति और विस्तार 

अक्षांश रेखाएँ 

ये ग्लोब में पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई काल्पनिक रेखाएं है।
अक्षांश रेखाएं दो भागों में विभाजित है-
उत्तरी अक्षांश और  दक्षिणी अक्षांश।
भारत उत्तरी अक्षांश में स्थित है।
अक्षांशों को दो भागों में विभाजित करने वाली रेखा विषुवत या भूमध्य रेखा है।
अक्षांश रेखाओं कुल संख्या [180 + 1] 181 है
अक्षांश रेखाएं स्थिति बताने के काम आती है।
दो अक्षांश रेखाओं के बीच की कुल दूरी 111 कि.मी.  होती है।
अक्षांशों के मध्य का क्षेत्र कटिबंध कहलाता है।
अक्षांश व देशांतरों के बार में सर्वप्रथम इरेस्टोस्थनीज ने बताया।
भूगोल का जनक हेकेटियस को माना जाता है।
अक्षांश रेखाएं पूर्ण वृत बनाती है।
अक्षांश रेखाओं में सबसे बड़ा वृत विषुवत या भूमध्य रेखा बनाती है।
भारत 8°04' उत्तरी अक्षांश से 37°06' उत्तरी अक्षांश में स्थित है।
राजस्थान 23°03' उत्तरी अक्षांश से 30°12' उत्तरी अक्षांश में स्थित है।
अक्षांश रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय
24° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- डूंगरपुर, प्रतापगढ़।
25° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- सिरोही, राजसमंद, चितौड़गढ, कोटा, बारां।
26° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- सवाई माधोपुर।
27° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- जैसलमेर, जयपुर, दौसा।
* 27° उत्तरी अक्षांश को राजस्थान का मध्यवर्ती अक्षांश भी कहते है।
Rajasthan Ki Sthiti Or Vistar

अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय

29° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- डूंगरपुर, प्रतापगढ़।
25° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- सिरोही, राजसमंद, चितौड़गढ़ , कोटा व बारां।
26° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- सवाई माधोपूर।
27° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- जैसलमेर, दौसा व जयपुर।
30° उत्तरी अक्षांश पर स्थित जिला मुख्यालय- श्रीगंगानगर।

देशान्तर रेखाएँ 

ये ग्लोब में उत्तर से दक्षिण की आर खीची गई काल्पनिक रेखाएं है।
देशान्तर रेखाएं दो भागों में विभाजित है-
पूर्वी देशत और पश्चिमी देशान्तर।
भारत पूर्वी देशान्तर में स्थित है।
देशांतर रेखाओं को दो भागों में विभाजित करने वाली रेखा ग्रीनविच रेखा है।
देशान्तर रेखाएं समय बताती है।
देशान्तर रेखाओं की कुल संख्या 360 होती है।
दो देशान्तरों के बीच की कुल दूरी 111.32 किमी. होती है। .
देशांतर रेखाएं अर्द्धवृत बनाती है।
देशांतरों के मध्य का क्षेत्र गोरे/गोर कहलाता है।
समय की दृष्टि से विश्व ग्लोब को 24 जोनों में विभक्त किया गया है।
प्रत्येक जोन में 15° आती है।
 भारत 68°07' पूर्वी देशान्तर से 97°25' पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है।
राजस्थान 69°30' पूर्वी देशान्तर से 78°17' पूर्वी देशान्तर के मध्य में स्थित है।
राजस्थान से होकर लगभग 9 देशान्तर रेखाएं गुजरती है।

देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय

70° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय- कोई नहीं।
71° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय- जैसलमेर।
72° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय- कोई नहीं।
73° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय- जोधपुर, सिरोही।
74° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय- गंगानगर, नागौर, राजसमंद, उदयपुर, डूंगरपुर।
* 74° पूर्वी देशान्तर राजस्थान का मध्यवर्ती देशांतर है।
*75° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय - चूरू, सीकर, प्रतापगढ़।
76° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय- जयपुर, टोंक।
77° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय- करौली।
78° पूर्वी देशान्तर रेखाओं पर स्थित जिला मुख्यालय- धौलपुर।

ग्रीनविच रेखा 

यह ग्लोब में उत्तर से दक्षिण में खीची गई देशान्तर रेखा है।
ग्रीनवीच रेखा के 1° पूर्व में चलने पर 4 मिनट का समय बढ जाता है।
ग्रीनवीच के 1° पश्चिम में चलने पर 4 मिनट का समय कम हो जाता है।
भारत के ग्रीनविच रेखा के पूर्व में स्थित है।
भारत का समय 82.5° पूर्वी देशान्तर से लिया गया है।

* 1° पूर्व में चलने पर समय बढता है- 4 मिनट |
* तो 82.5° पूर्व में चलने पर समय बढेगा- 82.5° X  4 मिनट = 330 - 5.5  घण्टे
* इस प्रकार भारत का समय ग्रीनविच रेखा से 5.5 घंटे आगे है। 

* Indian Standard Time (IST) 82.5°  पूर्वी देशान्तर रेखा उत्तरप्रदेश में इलाहाबाद के नैनी/मिर्जापुर नामक
स्थान से गुजरती है।
882.5° भारत के पांच राज्यों से गुजरती है –
उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, सीमान्ध्र।

सूर्योदय एवं सूर्यास्त 

सूर्योदय 

भारत में सर्वप्रथम सूर्योदय पूर्व दिशा, अरूणाचल प्रदेश के वालांगू व राजस्थान में धौलपुर जिले की राजाखेड़ा तहसील के सिलोन गाँव में होता है।
भारत में सबसे बाद में सूर्योदय पश्चिम दिशा, गुजरात के राजहरक्रीक व राजस्थान में जैसलमेर जिले की सम
उपतहसील के कटरा गाँव में होता है।
सूर्यास्त भारत में सर्वप्रथम सूर्यास्त पूर्व दिशा, अरूणाचल प्रदेश के वालांगू व राजस्थान में धौलपुर जिले की राजाखेड़ा तहसील के सिलोन गाँव में होता है।
भारत में सबसे बाद में सूर्यास्त पश्चिम दिशा, गुजरात के राजहरक्रीक व राजस्थान में जैसलमेर जिले की
सम उपतहसील के कटरा गाँव में होता है।

यदि धौलपुर में सूर्योदय 05:00 am पर होता है तो जैसलमेर में सूर्योदय होगा -
* धौलपुर व जैसलमेर में 9° x 4 मिनट = 36 मिनट (लगभग) का अंतर है।
* तो जैसलमेर में सूर्योदय होगा 05:00 am + 36 मिनट = 5:36 मिनट पर। 


कर्क रेखा

कर्क रेखा ग्लोब में 23- उत्तरी अक्षांश में पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई काल्पनिक रेखा है।
कर्क रेखा विश्व में तीन महाद्वीपों से गुजरती है- उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, एशिया।
कर्क रेखा की सर्वाधिक लम्बाई अफ्रीका महाद्वीप में है।
कर्क रेखा की सबसे कम लम्बाई उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में है।
कर्क रेखा की सर्वाधिक लम्बाई भारत में है।
कर्क रेखा की सबसे कम लम्बाई ताईवान में है।
कर्क रेखा भारत के 8 राज्यों से गुजरती है-
गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, प. बंगाल. त्रिपुरा, मिजोरम।
कर्क रेखा की सर्वाधिक लम्बाई मध्यप्रदेश में है।
कर्क रेखा की सबसे कम लम्बाई त्रिपुरा में है।
कर्क रेखा के नजदीक राजधानी मुख्यालय- आईजोल।
कर्क रेखा के दूर राजधानी मुख्यालय-जयपुर। कर्क रेखा पर क्षेत्रफल में बड़ा राज्य- राजस्थान।
कर्क रेखा पर क्षेत्रफल में छोटा राज्य-त्रिपुरा।
कर्क रेखा राजस्थान के दो जिलों दूंगरपुर व बांसवाड़ा से गुजरती है।
कर्क रेखा डूंगरपुर के चिखली गाँव व बांसवाड़ा की कुशलगढ़ तह. से गुजरती है।
कर्क रेखा की सर्वाधिक लम्बाई बाँसवाड़ा में है।
कर्क रेखा की सबसे कम लम्बाई डूंगरपुर में है।
कर्क रेखा के नजदीक जिला मुख्यालय- बाँसवाड़ा।
कर्क रेखा के दूर जिला मुख्यालय- श्रीगंगानगर।
कर्क रेखा पर क्षेत्रफल में बड़ा जिला- बाँसवाड़ा।
कर्क रेखा पर क्षेत्रफल में छोटा जिला- डूंगरपुर।
कर्क रेखा की राजस्थान में कुल लम्बाई 26 किमी. है।
राजस्थान का अधिकांश भाग कर्क रेखा के उत्तर में स्थित है। इसलिए राजस्थान उपोष्ण कटिबन्ध या शीतोष्ण कटिबंध में स्थित है।
केवल डूंगरपुर व बाँसवाड़ा जिले का कुछ भाग उष्ण कटिबंध में स्थित है।

मकर रेखा

यह ग्लोब में 23.5°  दक्षिणी अक्षांश में पूर्व से पश्चिम की ओर खीची गई काल्पनिक रेखा है।

विषुवत/भूमध्य रेखा

यह ग्लोब में 0° पर पूर्व से पश्चिम की ओर खीची गई काल्पनिक रेखा है।

अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा 

अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा की स्थापना 1884 में की गई।
180° यान्योत्तर रेखा को अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहते है।

राजस्थान का विस्तार

राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा की कुल लम्बाई- 10701 किमी.।
राजस्थान की अंतर्राज्यीय सीमा की कुल लम्बाई- 4850/ किमी.।
 राजस्थान की स्थलीय सीमा की कुल लम्बाई - 5920 किमी.।
Rajasthan Ki Sthiti Or Vistar
राजस्थान की उत्तर से दक्षिण में कुल लम्बाई- 826 किमी.।
राजस्थान की पूर्व से पश्चिम में कुल लम्बाई-869 किमी.।
राजस्थान की पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण की लम्बाई में कुल अंतर-  43 किमी.।
राजस्थान के उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व तक के विकर्ण की लम्बाई- 850 किमी.।
राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व तक के विकर्ण की लम्बाई- 784 किमी

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File Credit: Harsh Singh

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