Bhart me Muslim aakrman - Muslim Invesion in India -  Mahmood Gajni  & Mahmood Gauri - Medieval India - sscwill.in


  • भारत पर पहला मुस्लिम आक्रमण महुमद बिन कासिम द्वारा  712 ई. में हुआ।
  • आक्रमण का मुख्य उद्देश्य लूट-पाट तथा इस्लाम  धर्म का प्रचार - प्रसार करना था।
  • महुमद बिन कासिम अल हजाज बिन यूसुफ (हमजा द्वितीय) का भतीजा और दामाद था।
  • महुमद बिन कासिम ने रोहिनी (सिंध) नामक स्थान पर आक्रमण किया उस समय सिंध का राजा दाहिर सैन था।
  • महुमद बिन कासिम जजिया कर लगाने वाला पहला शासक था।
  • महुमद बिन कासिम को भारत पर आक्रमण करने के लिए बगदाद खलीफा हमजा द्वितीय ने भेजा था।


  • कहा जाता है कि बगदाद के खलीफ के काफिले पर सिंध के पास कुछ स्थानीय डाकुओं ने हमला किया और लूटपाट की । खलीफा का कहना था कि इस आक्रमण के पीछे सिंध के शासक दाहिर सैन का हाथ है और वह इसका हर्जाना भरे पर दाहिर सैन ने साफ इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज़ खलीफा ने दाहिर सैन पर आक्रमण करने के लिए अपने दामाद तथा भतीजे मोहमद बिन कासिम को भेजा था ।
  • इनके आक्रमण का मुख्य उद्देश्य लूट-पाट करना तथा इस्लाम  धर्म का प्रचार - प्रसार करना था।

महमूद गजनवी (998-1030) :-


  • गजनी राज्य की स्थापना 932 ई. में अलप्तगीन द्वारा की गई थी।
  • अलप्तगीन के बाद उसका दामाद सबुक्तागीन गद्दी पर 977 ई. में  बैठा।
  • सबुक्तागीन का बेटा महमूद गजनवी गद्दी पर 998 ई. में बैठा ।
  • महमूद गजनवी का जन्म 1 नवंबर 971 ई. में हुआ ।
  • यह यामिनी वंश का शासक था।
  •  998 ई. में 29 साल की उम्र में यह गजनी का शासक बना, शासक बनने से पहले महमूद गजनवी खुरासान का राजा था ।

  • # बगदाद खलीफा आदिर बिल्ला ने महमूद गजनवी को यामीन उद्दोला तथा यामीन मिला की उपाधि दी थी।



  • महमूद गजनवी ने भारत पर कुल 17बार आक्रमण किए -
  • पहला आक्रमण 1000 ई. में हिंदुशाही या ब्राह्मणशाही के विरूद्ध किया ।
  • 1001 ई. में पेशावर में जयपाल के विरूद्ध किया तथा जयपाल को हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते जयपाल ने आत्महत्या कर ली।
  • जयपाल के बाद उसका लड़का आनंदपाल गदी पर बैठा।
  • 1008/1009 में वाई हिन्द की लड़ाई में आनंदपाल को हर का सामना करना पड़ा।
  • महमूद गजनवी ने जवालां जी की मूर्ति तुड़वाई तथा बुधशिकन यां मूर्तिबंजक की उपाधि धारण की।
  • 1014 थानेसर कुरुक्षेत्र पर आक्रमण किया। 
  • 1016 मथुरा पर आक्रमण किया।
  • 1025 में महमूद गजनवी ने भारत पर 16 वां आक्रमण गुजरात के कठियावाड में स्थित सोमनाथ  मंदिर पर किया । इस समय गुजरात का शासक भीम प्रथम था।
  • 1027 में जाटों के विरूद्ध अंतिम आक्रमण था।
  • महमूद गजनवी की मृत्यु 1030 ई. में हुई ।
  • महमूद गजनवी सुल्तान की उपाधि धारण करने वाला प्रथम शासक था।
  • सेंवदराय तथा तिलक महमूद गजनवी की सेना में उच्च पद के हिन्दू  सेनापति थे ।
  • महमूद गजनवी को "स्टार ऑफ इस्लामिक वर्ल्ड भी कहा जाता है" (ssc 2017)
  • अलबरूनी और फर्दोसी इसके मुख्य कवि थे।
  • अलबरूनी का पूरा नाम अबू रेहान महमूद था । इसने किताब-उल-हिन्द   / तहकीक - ए- हिन्द नामक पुस्तक लिखी । यह पुस्तक भारतीय भूगोल की सबसे बड़ी किताब मानी जाती है।

महमूद गौरी (1173-1206) -


  • गौर सम्राज्य की स्थापना अलाउद्दीन जहानसुज द्वारा की गई थी वर्तमान में गौर अफगानिस्थान का भाग है।
  • अलाउद्दीन जहानसुज का भतीजा महमूद गैरी 1173 में गौर  का शासक बना ।
  • शाहबुद्दीन महमूद गौरी का पूरा नाम माईयूझुधिन महमूद बिन साम था।
  • इसके भाई गयासुद्दीन की मृत्यु 1202 ई. में हुई ।

गौरी के भारत पर आक्रमण -


  • 1175 :- शाहबुद्दीन महमूद गौरी ने भारत पर पहला आक्रमण 1175 ई. मुल्तान या उच्चा नामक स्थान पर किया ।
  • 1178 :- पाटन (गुजरात) कायद्रा का मैदान । इस समय गुजरात का शासक भीमदेव द्वितीय था । भीमदेव की माता नायक देवी ने गौरी को बुरी तरह हराया
  • 1186 :- लाहौर


  • तराइन का प्रथम युद्ध (1191) महमूद गौरी + प्रथ्वीराज चौहान तृतीय
  • इस युद्ध में प्रथ्वीराज चौहान तृतीय तथा सारे राजपूतों ने मिलकर गौरी को बुरी तरह से पराजित किया। प्रथ्वीराज चौहान का  सेनापति स्कन्द था ।


  • तराइन का द्वितीय युद्ध (1192) महमूद गौरी + प्रथ्वीराज चौहान तृतीय
  • कहा जाता है कि तराइन के  प्रथम युद्ध में जीत के उपलक्ष में  प्रथ्वीराज चौहान तृतीय ने अपने महल में भोज का आयोजन करता है जिसमें वह सभी राजपूतों को बुलाता है । कन्नौज के शासक जयचंद अपनी बेटी से साथ हिस्सा लेते है , प्रथ्वीराज तृतीय जयचन्द की बेटी को पसंद करने लगता है तथा स्वयंवर से उसकी बेटी को उठा लेता है। जिसका बदला लेने के लिए तराइन के द्वितीय युद्ध में जयचन्द गौरी के साथ हाथ मिला लता है।
  • तराइन के द्वितीय युद्ध (1192) में गौरी जयचन्द की वजह से प्रथ्वीराज तृतीय को पराजित करता है। तथा प्रथ्वीराज गौरी की अधीनता स्वीकार करता है।


  • चंदावर का युद्ध (1194) महमूद गौरी + जयचन्द
  • इस युद्ध में गौरी की जीत हुई तथा दिल्ली पर पहली बार मुस्लिम शासकों का कब्ज़ा हुआ।
  • #जयचंद गडवाल वंश के राजा  थे तथा कन्नौज के शासक थे।
  • इसके बाद गौरी ने दिल्ली पर कुछ समय तक शासन किया तथा उसके बाद अपने गुलाम तथा दामाद कतुबुदीन ऐबक को दिल्ली के सिहासन पर बिठाया।
  • 1206 में झेलम नदी के किनारे धमयक में सिया व हिन्दुओं द्वारा गौरी की हत्या कर दी और धम्यक में दफना दिया गया  इसके बाद दिल्ली पर पूरी तरह से कतुबुदीन ऐबक का राज हुआ। Read more..
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